NPCI UPI UPDATE 2025: आज के समय में UPI पेमेंट हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे किराने की दुकान हो या ऑनलाइन खरीदारी, लोग अब कैश की बजाय तेज़, सुरक्षित और झंझट-मुक्त UPI ट्रांजैक्शन को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है – मुफ्त सेवा और चंद सेकंड्स में पैसे ट्रांसफर की सुविधा।
Also Read
- Gk Questions 20 most important महासागर (Oceans) पर 20 महत्वपूर्ण MCQs
- Birth Certificate Online Apply 2025 : केवल 10 मिनट के अंदर घर बैठे ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनाएं!
- PM Awas Yojana 2025: Apply Online, Last Date, Eligibility
- Government Jobs: IBPS Recruitment 2025 Begins for 10,277 Posts — How to Apply
- AIIMS दिल्ली नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2025: 3500 पदों पर आवेदन शुरू, AIIMS Delhi Nursing Officer Bharti 2025
हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ न्यूज़ चैनलों पर यह खबर तेज़ी से फैलने लगी कि सरकार ₹3,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने जा रही है। इसके बाद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई कि क्या अब डिजिटल पेमेंट महंगा हो जाएगा।
हालांकि इस पर केंद्र सरकार और NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने पूरी स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि UPI पर किसी भी तरह का चार्ज लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। ग्राहक चाहे ₹10 का भुगतान करें या ₹10,000 का – सभी UPI ट्रांजैक्शन अभी पूरी तरह मुफ्त हैं। मीडिया में चल रही खबरें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंकों और पेमेंट कंपनियों ने UPI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार से चार्ज लगाने का सुझाव दिया था। इसी को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं कि बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लग सकता है। लेकिन सरकार ने इसे केवल एक प्रस्ताव माना और साफ किया कि Zero MDR Policy अभी भी लागू है, यानी दुकानदारों से भी कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा।
NPCI ने UPI को और तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए कुछ नए नियमों की घोषणा की है, जो अगस्त 2025 से लागू होंगे। इसमें एक दिन में एक ऐप पर 50 से ज्यादा बार बैलेंस चेक करने पर रोक, ऑटोपे लिमिट कंट्रोल और पेमेंट स्टेटस बार-बार चेक करने पर लिमिट जैसी बातें शामिल हैं। लेकिन इनका ट्रांजैक्शन चार्ज से कोई संबंध नहीं है।
भारत में 80% से अधिक रिटेल डिजिटल लेन-देन UPI के जरिए होते हैं। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें और इसलिए UPI को सबके लिए मुफ्त और सुलभ बनाए रखना प्राथमिकता है।
इसलिए अगर आपने भी कहीं पढ़ा या सुना है कि ₹3,000 से ज्यादा की UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा, तो निश्चिंत रहें – यह सिर्फ एक अफवाह है। वर्तमान में UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त हैं और सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस व्यवस्था को जारी रखा जाएगा।
नोट: यह लेख केवल सूचना के लिए है। किसी भी आधिकारिक बदलाव की पुष्टि NPCI या सरकार के आधिकारिक माध्यम से ही करें। अफवाहों से बचें और डिजिटल इंडिया को अपनाते रहें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):
❓ प्रश्न 1: क्या ₹3,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में ₹3,000 या उससे अधिक की किसी भी UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह सिर्फ अफवाह है।
❓ प्रश्न 2: क्या सरकार UPI पर चार्ज लगाने की योजना बना रही है?
उत्तर: नहीं, सरकार ने साफ कहा है कि UPI को सभी के लिए फ्री और सुलभ बनाए रखने की योजना है। कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
❓ प्रश्न 3: क्या दुकानदारों (Merchants) से कोई चार्ज लिया जा रहा है?
उत्तर: नहीं, अभी Zero MDR Policy लागू है। मर्चेंट्स से भी कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा।
❓ प्रश्न 4: सोशल मीडिया पर चार्ज की जो खबरें चल रही हैं, क्या वे सच हैं?
उत्तर: नहीं, सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चल रही खबरें गलत और भ्रामक हैं। NPCI और सरकार ने इनका खंडन किया है।
❓ प्रश्न 5: क्या बैंक या ऐप चुपचाप कोई चार्ज ले रहे हैं?
उत्तर: नहीं, सभी UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री हैं। न ग्राहक से और न ही दुकानदार से कोई छुपा हुआ चार्ज लिया जा रहा है।
❓ प्रश्न 6: NPCI ने कौन से नए नियम लागू किए हैं?
उत्तर: अगस्त 2025 से:
- एक ऐप पर दिन में 50 से ज्यादा बैलेंस चेक नहीं कर सकेंगे।
- ऑटो-पेमेंट की लिमिट को कंट्रोल किया गया है।
- बार-बार पेमेंट स्टेटस चेक करने पर लिमिट लागू की गई है।
(ध्यान दें: इनका चार्ज से कोई लेना-देना नहीं है)
❓ प्रश्न 7: क्या भविष्य में UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लग सकता है?
उत्तर: भविष्य की किसी योजना की पुष्टि अभी नहीं की गई है। यदि ऐसा कोई फैसला होता है, तो सरकार या NPCI इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे।
❓ प्रश्न 8: क्या UPI से पेमेंट करना सुरक्षित है?
उत्तर: हां, UPI पेमेंट पूरी तरह सुरक्षित है। NPCI और बैंक दोनों मिलकर सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।




