डेयरी फार्मिंग लोन योजना 2025: किसानों को मिलेंगे 10 लाख तक लोन और सब्सिडी Dairy Farming Loan Yojana 2025

Published On: July 19, 2025
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Dairy Farming Loan Yojana 2025
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Dairy Farming Loan Yojana 2025: भारत एक कृषि प्रधान देश है, और यहां की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा गांवों और किसानों पर आधारित है। खेती के साथ-साथ पशुपालन भी ग्रामीण जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। खासकर डेयरी फार्मिंग – यानी दूध उत्पादन – अब न सिर्फ जीवनयापन का जरिया है, बल्कि एक उभरता हुआ व्यवसाय बन चुका है। दूध और उससे जुड़े उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती है – पूंजी यानी पैसे की कमी। यही कारण है कि सरकार और बैंकिंग संस्थाएं मिलकर डेयरी फार्मिंग लोन योजना के जरिए किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सहारा देने का काम कर रही हैं।

गांवों में बहुत से लोग अपने छोटे स्तर पर गाय-भैंस पालकर दूध बेचते हैं, लेकिन जब बात बड़े स्तर पर डेयरी शुरू करने की आती है, तो बहुत से सपने अधूरे रह जाते हैं। कारण साफ है – एक अच्छा डेयरी फार्म शुरू करने के लिए लाखों रुपये की जरूरत होती है। पशु खरीदने से लेकर शेड, दूध संग्रहण यूनिट, मशीनें, चारे की व्यवस्था – ये सब खर्चे किसी आम ग्रामीण के लिए आसान नहीं होते। ऐसे में डेयरी फार्मिंग लोन योजना किसी वरदान से कम नहीं है।

सरकार का उद्देश्य है कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों, गांवों में स्वरोजगार बढ़े और देश में दूध उत्पादन की क्षमता में इजाफा हो। इसलिए नाबार्ड, बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े संस्थान और अनेक सहकारी बैंक इस योजना में भागीदार बन रहे हैं। लोन की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें ब्याज दर काफी कम होती है और कई बार लोन की कुल राशि पर 25% से लेकर 70% तक की सब्सिडी भी मिलती है। इससे किसान की EMI और ब्याज का बोझ भी कम हो जाता है।

छोटे डेयरी फॉर्म के लिए यह लोन 1 लाख से 10 लाख तक हो सकता है, जबकि बड़े कमर्शियल डेयरी यूनिट्स के लिए यह राशि 40 लाख या उससे भी अधिक हो सकती है। कई बैंक बिना किसी गारंटी के 2 लाख तक का लोन भी उपलब्ध कराते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके पास जमानत रखने को कोई संपत्ति नहीं है।

इस योजना का लाभ न केवल किसान, बल्कि महिला समूह, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और निजी कंपनियां भी उठा सकती हैं। सरकार का मकसद है कि देश के कोने-कोने में स्वरोजगार के अवसर बढ़ें और लोगों को अपने गांव में ही रोजगार मिले। डेयरी लोन से मिले पैसे का उपयोग बहुत से कामों में किया जा सकता है – जैसे दुधारू पशु (गाय-भैंस) की खरीद, दूध संग्रहण यूनिट, कूलिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन, पशु शेड, चारे की व्यवस्था, फार्म उपकरण आदि।

लोन की प्रक्रिया अब पहले जैसी जटिल नहीं रही। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से अब यह योजना हर गांव तक पहुंच रही है। बैंकों की वेबसाइट पर आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है, जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर लोन की मंजूरी भी मिल जाती है। कुछ समय बाद बैंक की टीम साइट विजिट भी करती है और यदि सबकुछ सही रहता है, तो लोन की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

इस योजना के तहत लोन चुकाने की अवधि आमतौर पर 3 से 7 साल तक होती है। कुछ योजनाएं मासिक किस्त देती हैं, जबकि कुछ में तिमाही विकल्प भी होता है। इससे पशुपालक अपनी आमदनी के अनुसार किस्त चुका सकते हैं।

अब बात करें पात्रता की तो इस योजना का लाभ कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है जिसकी आयु 18 साल से अधिक हो। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाता विवरण, भूमि के कागजात, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, और निवास प्रमाण पत्र शामिल होते हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट जितनी सटीक और स्पष्ट होगी, लोन मंजूरी की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

सरकार समय-समय पर इस योजना में सुधार भी करती रहती है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा मिल सके। खासतौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए यह योजना एक बेहतर भविष्य की ओर कदम है। अगर कोई युवा बेरोजगार है, लेकिन उसके पास दूध उत्पादन का अनुभव है या पशुपालन की जानकारी है, तो वह इस योजना का लाभ उठाकर खुद का डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकता है। इससे ना सिर्फ उसकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि उसके गांव में रोजगार के और भी रास्ते खुलेंगे।

देश में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां छोटे किसान या पशुपालक, जिन्होंने पहले 1-2 गायों से शुरुआत की, आज खुद का डेयरी ब्रांड चला रहे हैं – और यह सब संभव हो पाया सरकारी योजनाओं और डेयरी फार्मिंग लोन की मदद से।

निष्कर्ष के तौर पर, यह कहा जा सकता है कि डेयरी फार्मिंग लोन योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा रही है। यह न केवल एक वित्तीय सहायता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने की ओर उठाया गया मजबूत कदम है। यदि आपने कभी डेयरी बिजनेस शुरू करने का सपना देखा है, तो यह योजना आपके लिए एक शानदार मौका है। सही जानकारी, मजबूत इरादा और थोड़ी सी मेहनत से आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं – और देश के विकास में भी भागीदार बन सकते हैं।

NARAYAN SINGH

नमस्कार! मैं Narayan Singh, एक अनुभवी शिक्षक और QuickerNews.in / nsguruji.com का संस्थापक हूँ। शिक्षा के क्षेत्र में मुझे 13 वर्षों का अनुभव है, और मेरा उद्देश्य है कि देश के युवाओं को सरकारी नौकरियों, शिक्षा, और योजनाओं से जुड़ी सटीक एवं समय पर जानकारी मिले। मैंने इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत इसलिए की ताकि छात्र और अभ्यर्थी भ्रामक सूचनाओं से बच सकें और उन्हें एक भरोसेमंद स्रोत मिल सके। शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहिए Quicker News के साथ।

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