Aadhaar Card Update 2025: अगर आप बार-बार आधार कार्ड में जन्मतिथि या फिंगरप्रिंट अपडेट कराते हैं, तो अब आपको सतर्क हो जाना चाहिए। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) आधार से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। खास बात यह है कि अब जन्मतिथि या फिंगरप्रिंट को मनचाहे तरीके से बार-बार अपडेट कराना संभव नहीं होगा। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने हाल ही में बताया कि आधार की सुरक्षा को मजबूत करने और उसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।
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अब जन्मतिथि में बदलाव आसान नहीं होगा
कई लोग अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए बार-बार आधार में उम्र बदलवाते हैं – जैसे क्रिकेट टीम में चयन के लिए उम्र घटाना, या सरकारी नौकरी पाने के लिए उम्र बढ़ाना। UIDAI ने इस प्रवृत्ति को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए अब इस पर सख्ती से रोक लगाने का फैसला लिया है। अब यदि कोई व्यक्ति आधार में अपनी जन्मतिथि बदलवाना चाहता है, तो उसे सरकारी डेटाबेस में दर्ज वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र में पहले बदलाव कराना होगा। UIDAI केवल उन्हीं बर्थ सर्टिफिकेट को मान्यता देगा जो राज्यों के अधिकृत ऑनलाइन डेटाबेस से वेरिफाई किए जा सकें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
UIDAI को बार-बार आधार में बदलाव कराए जाने के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अलग-अलग प्रमाण पत्रों के ज़रिए लोग उम्र बदलवाकर इसका गलत फायदा उठाते हैं। सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, अब UIDAI 35 राज्यों के मूल डेटाबेस से डायरेक्ट वेरिफिकेशन करेगा, जिससे कोई भी फर्जी डॉक्यूमेंट मंज़ूर न हो सके। साथ ही AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) की मदद से अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स की जांच भी की जाएगी।
बायोमेट्रिक अपडेट की संख्या होगी सीमित
UIDAI अब फिंगरप्रिंट अपडेट करने की संख्या पर भी लिमिट लगाने की योजना बना रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग के लिए यह व्यवस्था लागू होगी क्योंकि उनके फिंगरप्रिंट में इतनी जल्दी बदलाव नहीं होता। हां, बुजुर्गों को इस मामले में छूट दी जा सकती है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ उंगलियों के निशान बदल सकते हैं।
इसके अलावा, UIDAI ने फिंगरप्रिंट फ्रॉड रोकने के लिए AI आधारित एल्गोरिदम भी तैयार किया है, जो यह जांचेगा कि दिया गया फिंगरप्रिंट असली है या नहीं। साथ ही, फेस रेकग्निशन और इमिग्रेशन डेटाबेस में मौजूद फोटो से व्यक्ति की पहचान भी सुनिश्चित की जाएगी।
आधार एप्लीकेशन प्रोसेस होगी पूरी तरह ऑनलाइन
आधार से जुड़े कामों को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि पूरा आधार एप्लीकेशन प्रोसेस अब पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। अब फॉर्म भरने से लेकर डॉक्यूमेंट अपलोड करने तक, हर प्रक्रिया डिजिटली होगी। इसके लिए यूजर्स को वही दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे जो राज्य सरकार के सिस्टम से वेरिफाई हो सकते हों।
नया ऐप भी किया गया लॉन्च
UIDAI ने हाल ही में आधार से जुड़ा एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जो फिलहाल अर्ली एक्सेस मोड में उपलब्ध है। इस ऐप के ज़रिए भी लोग आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।
निष्कर्ष
UIDAI की ये नई पहलें आधार कार्ड को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। बार-बार जन्मतिथि या बायोमेट्रिक अपडेट करने पर रोक लगाकर UIDAI उन सभी धोखाधड़ी के मामलों पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है, जिनका असर आम लोगों पर भी पड़ता है। अब जरूरी होगा कि हम सभी अपने दस्तावेज़ सही रखें और आधार का उपयोग जिम्मेदारी से करें।
नया नियम लागू होने से पहले ही अपने दस्तावेज़ अपडेट कर लें और सही जानकारी ही दर्ज करें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।




